दादा दादी और नाती पोता का रिश्ता कैसा होना चाहिए
दोनों के बीच का रिश्ता बहुत ही अनूठा है जो कभी नहीं टूट सकता। एक दूसरे के रिश्ते अपने बचपन को याद दिला ती है। जब माता-पिता अपने पुत्र या पुत्री को जन्म देते हैं। छोटे से बड़े करके हैं पढ़ाते दिखाते हैं अरे कामयाब इंसान बनाते हैं ताकि हर चीज अपने आप से फैसला कर ले सके और जब एक कामयाब रिस्पांसिबिलिटी इंसान बन जाता है तो उन्हें एक सूत्र में मान लेते हैं। जो विवाह यह कैसा बंधन है जो कभी नहीं टूटता है मां बाप इस बंधन में बांट देते हैं और अंतिम में यहां आस रखते हैं की एक छोटी सी प्यारी सी नन्ही सी पोता पोती मिले और उनके साथ अपने बचपन को दुनिया में ले जाएं। दादा दादी और नाती पोता के बीच का व्यवहार इस प्रकार होना चाहिए। आजकल की जनरेशन है अपने रिश्ते को काफी पीछे छोड़ कर रहे हैं हालांकि ऐसा नहीं होना चाहिए। दुनिया तो बदल रही है लेकिन रिश्ते नातों को नहीं बदलना चाहिए दादा-दादी हमेशा चाहती है की अपने नाती पोतों से 1 बच्चों की तरह खिलती रहे और उन्हें कुछ चीज की कमी ना हो वह अपना नाती पोता को औलाद की तरह समझते हैं और उन्हें बड़ी प्रेम से व्यवहार करते हैं निहारते हैं। यह उनके...
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